Kulshreshtha - Paintings All Type - Bhopal, MP, India

Kshama Kulshreshtha

Bhopal, MP, India

Services

Paintings All Type

  • Part time

Summary:

I love to make abstract paintings with different mediums. mostly I am working with acrylic because it dry Fast but as the flow of my mood my creativity needs new innovative ideas to paint and when it happened I feel myself like a little bird with large wings.. The wings of creativity, that can be able to cover, whole the sky of nothingness.
‘When there is nothing we can create everything’ I can paint oil, Acrylic, glass, paper mashie, ceramic and all type of paintings as the demand.

Work History

free lanc artist

Projects

VISHVAAS

विश्वास
विश्वास का बीज किसी भी धरातल पर .कभी भी कही भी . अपनेआप ही वक़्त के किसी थपेडे के साथ आ टिकता हे और धीरे - धीरे उसकी जडे गेहेराने लगती हे . फिर चाहे वहे इन्सान पर हो 'भगवान पर हो या फिर अपनेआप पर \ विश्वास दुख मे गेहेराता और खुशियो मे फलता - फुलता हे /ईश्वर पर विश्वास करने से इन्सान आस्तिक हो जाता हे . अक्सर दुखो
की भयानक घडी जब कोई साथ ना दे तब वहे पूर्ण श्रद्धा का एक आंसू ईश्वर को समर्पित करता हे और विश्वास की एक लो उसके जीवन को दिशा देती हे / और किसी अन्य इन्सान पर विश्वास करने पर इन्सान खुद को सुरक्षित मेहेसूस करता हे पर असुरक्षित हो जाता हे . दुख की लेहेरे जब हालातो से टकाराती हे तब पत्थरो से झांकने वाले बुल्बुलो मे इन्सान को अपना बिंब नजर आता हे और तनहा घबराया हुआ इन्सान इन पत्थरो को हि अपना समझ विश्वास करने लगता यहे विश्वास जब गेहेराता हे तब इन बुल्बुलो कि चमक मे न जाने कितने सपने झिल्मिलाने लगते हे / पर जब ये विश्वास तुटता हे तो वो इन्सान को भीतर तक तोड देता हे / और जब इन्सान को खुद पर विश्वास हो जाता हे तब ये विश्वास मा की ममता की तरेह सच्चा और अतूट होता हे .
इसी विश्वास पर किसी शायर ने कहां हे - '' खुद ही को कर बुलंद इतना. कि हर तकदीर के पेहेले खुदा बंडे से ये पूछे बता तेरी रजा क्या हे /''
- इस आत्म विश्वास की नाव को कोई भी तुफान नही डुबा पाता बल्की इस नाव म इन्सान अपनी ही नही कितने ही लोगो की खुशियो को पनाह दे पाता हे /जो इस विश्वास की गेहेराई को छू लेता हे उसे ही हासील होते हे सफलता के मोती /लेकिन इसका मतलब ये भी नही हे कि हमे ईश्वर पर और लोगो पर विश्वास करना छोड देना चाहिये हमे ईश्वर पर इसलिये विश्वास करना चाहिये कि वो हमे आत्म विश्वास दे और लोगो पर हमे इसलिये विश्वास करना चाहिये कि जिंदगी मे हमे कई नेक फरीशतो जैसे लोग इसलिये मिळते हे कि हमारा आत्म विश्वास बढाने के लिये वो एक माद्ध्यं होते हे / विश्वास करना और विश्वास रखना ही जिंदगी हे / - क्षमा

KAVITA

कागज़ का टुकडा
एक कागज़ का टुकडा
कुछ फटा
कुछ मेला सा
घर की झाडू में
झड़ता हुआ
आ पंहुचा दरवाजे पर |
एक कागज़ का टुकडा
उडता हुआ
झोकों के संग
पंहुचा कभी
कदमों में
उलझा कभी काटों में |
एक कागज़ का टुकडा
घिस-घिस के हुआ छलनी
कट-फट के हुआ छोटा
बिलकुल खाली
बिलकुल निरर्थक |
एक कागज़ का टुकडा
किसी ने उठाया
प्यार से झाडा
कुछ लिख कर
रख लिया पास |
वह कागज़ का टुकडा
बहुत महतवपूर्ण
बहुत सुन्दर
बहुत अर्थवान
बन गया था किसी
कवी की कविता |
क्षमा

'कला'

कला

जब उसने देखा मेरी भावनाओं को
खामोशी की बेडियों मैं दम तोड़ते हुए
तब बन गई वो ....... 'शब्द'

जब उसने देखा मेरी हँसी को
बेरंग होते हुए
तब बन गई वो ........ 'रंग'

जब उसने देखा लम्हों के स्वरों को
यूँही बिखरते हुए
तब बन गई वो ........ 'गीत'

जब उसने देखा मेरे क़दमों को
किसी मोड़ पर थकते हुए
तब बन गई वो ....... 'पंख'

शब्द भी, रंग भी, गीत भी, पंख भी
......... यही है मेरी 'कला' |
क्षमा

I CAN MOLD ENYTHING EVEN MY DREAMS BUT THEY ARE UNBREAKABLE...

KALPWRUKSH AND CROWD IS THE MASTER PEACE OF MY WORK.

new work

Looking through my eyes
You can search...
Behind the wall of tears
Before the deadline of desires
With an innocent feeling of love
Between a process of being to becoming
Only devotion, only peacefulness...
No matter wins or loses
Happiness is nothing
Only a victory of the
Human nature of selfishness
Falling down with me
With the feeling of your own heart
Dip your soul in the colours of my paintings
Then you will see...

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